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99+ Best Childhood Status in Hindi – Best of Hindi Status in 2018

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looking for Indians are Best Childhood Status in Hindi defined by their cool and Best Childhood Status in Hindi. Having it, then why not set a status on Childhood to define it. Following is a complete list of latest high Best Childhood Status in Hindi for 2018. All are so compelling that you will come again and again to set a new best Classy Status in Hindi for WhatsApp and Facebook from this list. We have collected this status so that you need not waste your time searching or typing across the internet for Best Classy Status in Hindi for Whatsapp. This collection is for both boys and girls to define their swag. Best Childhood Status in Hindi

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  • बचपन में लगी चोट पर मां की हल्‍की-हल्‍की फूँक और कहना कि
    बस अभी ठीक हो जाएगा!वाकई अब तक कोई मरहम वैसा नहीं बना!
  • काश मैं लौट जाऊं… बचपन की उन हसीं वादियों में ऐ जिंदगी
    जब न तो कोई जरूरत थी और न ही कोई जरूरी था!
  • जब हम अपने शर्ट में हाथ छुपाते थे,  और लोगों से कहते
    फिरते थे, देखो मैंने अपने हाथ जादू से हाथ गायब कर दिए…!!!
  • सोचा करते थे कि ये चाँद  हमारी साइकिल के पीछे पीछे  क्यों चल रहा हैं…!!!
  • जब हमारे पास चार रंगों से लिखने, वाली एक पेन हुआ करती थी और हम,
    सभी के बटन को एक साथ दबाने,  की कोशिश किया करते थे…!!!
  • जब हम दरवाज़े के पीछे छुपते थे  ताकि अगर कोई आये तो उसे डरा सके…!!!
  • जब आँख बंद कर सोने का नाटक करते थे,ताकि कोई हमें गोद में उठा के बिस्तर तक पहुचा दे…!!!
  • फल के बीज को इस डर से नहीं खाते थे कि,
    कहीं हमारे पेट में पेड़ न उग जाए…!!!
  • On/Off वाले Switch को बीच में,  अटकाने की कोशिश किया करते थे…!!!
  • फल के बीज को इस डर से नहीं खाते थे कि,
    कहीं हमारे पेट में पेड़ न उग जाए…!!!
  • Birthday सिर्फ इसलिए मनाते थे,  ताकि ढेर सारे Gift मिले…!!!
  • FRIG को धीरे से बंद करके ये जानने  की
    कोशिश करते थे कि, इसकी Light कब बंद होती हैं…!!!
  • बचपन में सोचते थे कि, हम बड़े क्यों नहीं हो रहे
    ? और अब सोचते हम बड़े क्यों हो गए ???
  • ये दौलत भी ले लो… ये शोहरत भी ले लो…भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी…
    मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन… वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी…!!!
  • बचपन की ये Lines जिन्हे हम दिल से गाते-गुनगुनाते थे,
    और खेल खेलते थे तो याद ताज़ा कर लीजिये …!!!
  • मछली जल की रानी है,जीवन उसका पानी है,
    हाथ लगाओ डर जायेगी  बाहर निकालो मर जायेगी…!!!
  • सारी दुनियाँ मैं ईद है, ???? लेकिन हमारा चाँद आज ???? भी गुम है.
  • इक ???? चुभन है कि जो बेचैन किए रहती ???? है,
    ऐसा लगता है कि कुछ टूट गया है मुझ में.
  • फ़क़त माल-ओ-ज़र-ए-दीवार-ओ-दर अच्छा नहीं लगता
    जहाँ बच्चे नहीं होते वो घर अच्छा नहीं लगता
  • बड़ी हसरत से इंसाँ बचपने को याद करता है
    ये फल पक कर दोबारा चाहता है ख़ाम हो जाए
  • बच्चा बोला देख कर मस्जिद आली-शान
    अल्लाह तेरे एक को इतना बड़ा मकान
  • बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो
    चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे
  • आलू-कचालू बेटा कहाँ गये थे, बन्दर की झोपडी मे सो रहे थे,
    बन्दर ने लात मारी रो रहे थे, मम्मी ने पैसे दिये हंस रहे थे…!!!
  • एक हाथी एक राजा एक रानी के बग़ैर नींद बच्चों को नहीं आती कहानी के बग़ैर
  • खिलौनों की दुकानो रास्ता दो मिरे बच्चे गुज़रना चाहते हैं
  • जिस के लिए बच्चा रोया था और पोंछे थे आँसू बाबा ने
    वो बच्चा अब भी ज़िंदा है वो महँगा खिलौना टूट गया
  • मैं बचपन में खिलौने तोड़ता था  मिरे अंजाम की वो इब्तिदा थी
  • मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है  उम्र का बेहतरीन हिस्सा है
  • असीर-ए-पंजा-ए-अहद-ए-शबाब कर के मुझे
    कहाँ गया मिरा बचपन ख़राब कर के मुझे
  • अपने बच्चों को मैं बातों में लगा लेता हूँ
    जब भी आवाज़ लगाता है खिलौने वाला
  • मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना, ???? क्युंकी मेरी दुश्मनी का नुकसान सह ???? नही पाओगे…!
  • बचपन में कितने रईस थे हम, ख्वाहिशें थी छोटी-छोटी,
    बस हंसना और हंसाना, कितना बेपरवाह था वो बचपन.
  • मोहल्ले में अब रहता है, पानी भी हरदम उदास,
    सुना है पानी में नाव चलने वाले बच्चे अब बड़े हो गए.
  • बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें
    या ज़मीन पर आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!
  • झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम  ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम
  • कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन
    सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी
  • रोने की वजह भी न थी  न हंसने का बहाना थाक्यो हो गए
    हम इतने बडे  इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था…..
  • चले आओ कभी टूटी हुई चूड़ी के टुकड़े से,
    वो बचपन की तरह फिर से मोहब्बत नाप लेते हैं..
  • आते जाते रहा कर ए दर्द  तू तो मेरा बचपन का साथी है
  • काश मैं लौट जाऊं…
    बचपन की उन हसीं वादियों में ऐ जिंदगी
    जब न तो कोई जरूरत थी और न ही कोई जरूरी था!
  • बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!
  • झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम
  • सुकू की बात मत कर ऐ दोस्त बचपन वाला इतवार अब नहीं आता
  • कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी
  • आशियाने ???? जलाये जाते हैं जब तन्हाई की आग से, ☺️ तो बचपन के घरौंदो की वो मिट्टी याद आती है ???? याद होती जाती है जवां बारिश के मौसम में तो, बचपन की वो कागज की नाव ???? याद आती है
  • रोने की वजह भी न थी न हंसने का बहाना था क्यो हो गए हम इतने बडे इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था…..
  • चूड़ी के टुकड़े से, वो बचपन की तरह फिर से मोहब्बत नाप लेते हैं..
  • तू तो मेरा बचपन का साथी है
  • कितने खुबसूरत हुआ करते थे बचपन के वो दिन ..!! सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी
  • किसने कहा नहीं आती वो बचपन वाली बारिश… तुम भूल गए हो शायद अब नाव बनानी कागज़ की…!!
  • अजीब सौदागर है ये वक़्त भी जवानी का लालच दे के बचपन ले गया !!
  • लगता है माँ बाप ने बचपन में खिलौने नहीं दिए, तभी तो पगली हमारे दिल से खेल गयी !!
  • बचपन से हर शख्स याद करना सिखाता रहा,
    भूलते कैसे है ? बताया नही किसी ने…..
  • हंसने की भी, वजह ढूँढनी पड़ती है अब; शायद मेरा बचपन, खत्म होने को है!
  • वो क्‍या दिन थे… मम्‍मी की गोद और पापा के कंधे, न पैसे की सोच और न लाइफ के फंडे, न कल की चिंता और न फ्यूचर के सपने, अब कल की फिकर और अधूरे सपने, मुड़ कर देखा तो बहुत दूर हैं अपने, मंजिलों को ढूंडते हम कहॉं खो गए, न जाने क्‍यूँ हम इतने बड़े हो गए|
  • वो बचपन की अमीरी न जाने कहां खो गई जब पानी में हमारे भी जहाज चलते थे…
  • वो बचपन की अमीरी न जाने कहां खो गई जब पानी में हमारे भी जहाज चलते थे…
  • अब तक हमारी उम्र का बचपन नहीं गया घर से चले थे जेब के पैसे गिरा दिए
  • दुआएँ याद करा दी गई थीं बचपन में सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम
  • भूक चेहरों पे लिए चाँद से प्यारे बच्चे बेचते फिरते हैं गलियों में ग़ुबारे बच्चे
  • कोई मुझको ???? लौटा दे वो बचपन का सावन, ???? वो कागज की कश्ती वो बारिश ???? का पानी।
  • रोने की ???? वजह ना थी, ना हँसने का बहाना था. ???? क्युँ हो गऐे हम इतने बडे, ???? इससे अच्छा तो वो बचपन का ☺️ जमाना था..
  • आओ ???? हम चाँद का क़िरदार अपना ले. ???? दाग अपने पास रख ले, और ???? रोशनी बाँट दें..
  • वो बचपन ☺️ भी क्या दिन थे मेरे..! ???? न फ़िक्र कोई..न दर्द कोई..!! बस खेलो, ???? खाओ, सो जाओ..! बस इसके सिवा कुछ ???? याद नहीं..!
  • मेरा बचपन भी साथ ले आया गाँव से जब भी आ गया कोई
  • याद है…
    वो बचपन की अमीरी,
    न जाने अब कहां खो गई…
    वो दिन ही कुछ और थे,
    जब बारिश के पानी में हमारे भी
    जहाज चला करते थे…
  • बचपन में लगी चोट पर मां की हल्‍की-हल्‍की फूँक
    और कहना कि बस अभी ठीक हो जाएगा!
    वाकई अब तक कोई मरहम वैसा नहीं बना!
  • बचपन में मेरे दोस्तों के पास घड़ी नहीं थी…
    पर समय सबके पास था!
    आज सबके पास घड़ी है
    पर समय किसी के पास नहीं!
  • काश मैं लौट जाऊं…
    बचपन की उन हसीं वादियों में ऐ जिंदगी
    जब न तो कोई जरूरत थी और न ही कोई जरूरी था!
  • बचपन की सबसे बड़ी गलतफहमी यही थी
    कि बड़े होते ही जिंदगी बड़ी मजेदार हो जायेगी!
  • बचपन में…
    जहां चाहा हंस लेते थे, जहां चाहा रो लेते थे!
    पर अब…
    मुस्कान को तमीज़ चाहिए और आंसूओं को तनहाई!
  • बचपन में मेरे दोस्तों के पास घड़ी नहीं थी…
    पर समय सबके पास था!
    आज सबके पास घड़ी है
    पर समय किसी के पास नहीं!
  • काश मैं लौट जाऊं…
    बचपन की उन हसीं वादियों में ऐ जिंदगी
    जब न तो कोई जरूरत थी और न ही कोई जरूरी था!
  • याद है…
    वो बचपन की अमीरी,
    न जाने अब कहां खो गई…
    वो दिन ही कुछ और थे,
    जब बारिश के पानी में हमारे भी
    जहाज चला करते थे…
  • जो व्‍यक्ति मेरे बुरे वक्‍त में मेरे साथ है
    उनके लिए मेरे पास एक ही शब्‍द है,
    मेरा अच्‍छा वक्‍त सिर्फ तुम्‍हारे लिए होगा!!
  • समय…
    दूसरे की मदद करने का किसी के पास नहीं है।
    पर दूसरे के काम में अड़गें डालने का सबके पास है…
    इतनी जल्‍दी दुनिया की कोई चीज़ नहीं बदलती…
    जितनी जल्‍दी इंसान की नीयत और नजरें बदल जाती है।
  • झूठ बोलते थे कितना, फिर भी सच्चे थे हम ये उन दिनों की बात है, जब बच्चे थे हम !!
  • मस्ती की बात न कर ऐ दोस्त

    अब वो सुकून वाला सन्डे नहीं आता.

  • याद आता है वो बीता बचपन,

    जब खुशियाँ छोटी होती थी,

    बाग़ में तितली को पकड़ खुश होना,

    तारे तोडना जितनी ख़ुशी देता था.

  • रोना और मचल जाना,

    झोली भर ख़ुशी देते हैं.

  • बड़े-बड़े मोती से आंसू,

    जैसे गले में जयमाला पहनते थे,

    वो दुःख भी कितने प्यारे थे,

    तब खिलोने नहीं दिल टुटा करते थे,

    आज के दिन कैसे दिन हैं,

    रोने को बारिश का मौसम ढूंढते  हैं.

  • जब माँ डांटा करती थी तो बस,

    उसकी ही गोदी में जाया करते थे,

    आज माँ कुछ कह देती है,

    तो उससे खफ़ा होते हैं.

  • छोटे थे तब दिल चाहा रो लेते थे,

    और हंस लेते थे,

    पर अब हंसने को तमीज

    और

    रोने को तन्हाई चाहिए.

  • जब घर में रहते थे,

    तब आजादी दिल को भाती थी,

    आज आजादी है तो बस,

    घर जाने को दिल करता है.

  • छोटे थे तो शामें भी हुआ करती थी,

    लेकिन अब तो बस दिन के बाद रात ही होती है,

    वो बचपन की अमीरी ना जाने कहाँ खो गयी,

    तब तो सुनो हमारे भी शिप चला करते थे.

  • अब तो खुशियाँ हैं इतनी बड़ी,

    चाँद पर जाकर भी ख़ुशी नहीं,

    एक मुराद हुई पूरी कि दूसरी आ गयी,

    कैसे हो खुश हम, कोई बता दो,

    अब तो बस दुःख भी हैं इतने बड़े,

    कि हर बात पर दिल टुटा करता है.

  • और हम टूटे दिल को छुपकर तकिये में ,

    मुंह डालकर छुप-छुप कर रोया करते हैं,

    आवाज नहीं हो पाती खुद

    अपने दिल तक सुनाने की बस,

    आस-पास शोर है इतना दुखों का ,

    फुर्सत किसे जो सुने दिल की आवाज.

  • तभी तो याद है हमे,

    हर वक़्त बस बचपन का अंदाज,

    आज भी याद आता है,

    बचपन का वो खिलखिलाना,

    दोस्तों से लड़ना, रूठना, मनाना.

  • याद आता है इक टोफ्फी के लिए,

    पुरे दिन रोना और चिल्लाना,

    बीते वक्त तू अब लौट भी आ,

    मुझे मेरा बचपन दे दे,

    मुझसे ये जवानी ले ले.

  • याद आती है आज छुटपन की वो लोरियां,

    माँ की बाहों का झूला ,

    आज फिर से सूना दे माँ तेरी वो लोरी,

    आज झुला दे अपनी बाहों में झूला.

  • छुटपन में वक्त था, पर घडी नहीं थी,

    आज सबके पास घड़ी है पर वक़्त कहाँ.

  • तितली उडी बस में चढ़ी,

    सीट ना मिली रोने लगी,

    ड्राईवर ने कहा, आजा मेरे पास,

    तितली बोली हट बदमाश.

  • तब तो यही हमे भाते थे,

    आज भी याद हैं छुटपन की हर कविता,

    अब हजारों गाने हैं पर याद नहीं,

    इनमे शब्द हैं पर मीठा संगीत कहाँ.

  • ऐ खुदा काश मुझे फिर

    से बचपन में लौटा दे,

    जहाँ न किसी की जरूरत थी,

    तब ना कोई था जरुरी.

  • मुझे फिर से थमा दे ओ माँ,

    वही मेरे स्कूल का बैग ,

    अब मुझे और नहीं सहा

    जाता इस जिन्दगी का भारी बोझ.

  • बचपन में कितने रईस थे हम,

    ख्वाहिशें थी छोटी-छोटी, ब

    स हंसना और हंसाना,

    कितना बेपरवाह था वो बचपन.

  • मोहल्ले में अब रहता है,

    पानी भी हरदम उदास,

    सुना है पानी में नाव चलने

    वाले बच्चे अब बड़े हो गए.

     

Updated: August 17, 2018 — 12:23 pm

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